Thursday, February 5, 2009

अकबर महान








अकबर महान
भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रश्न है - अकबर को अकबर महान क्यों कहते हैं ? कारण सहित उत्तर लिखो इधर इतिहास की पुस्तकें पढकर विद्यार्थी इसका उत्तर कुछ इस तरह लिखते है।
प्रथम दृष्ट्या यह प्रश्न ही गलत है अकबर महान नहीं हो सकता इसके कई कारण है ,पहला और अत्यंत मह्त्वपू र्ण कारण यह है कि वह एक मुस्लिम शासक था उसके पूर्वज अन्य देशों से आए थे उन्होंने भारत को गुलाम बनाया था।
दूसरा कारण यह कि वह महाराणा प्रताप का नम्बर एक दुश्मन था महाराणा प्रताप परमवीर देशभक्त थे और ता-जिन्दगी अकबर से जूझ ते रहे महाराणा प्रताप हमारे राष्ट्रीय नेता है इस हिसाब से देखे तो महाराणा का दुश्मन कैसे महान हो सकता है
तीसरा कारण यह है कि वह बेपढा -लिखा था
चौथा कारण यह था कि वह साम्राज्यवादी था और उसे रात-दिन अपने साम्राज्य की चिंता थी साम्राज्यवादी कभी महान नहीं हो सकता।
वह एक तानाशाह था जिसने हुस्न की मलिका अनारकली को जिंदा दीवार में चुनवा दिया ,वह सामाजिक न्याय का परम शत्रु था , गैर बराबरी का हिमायती , तभी तो कनीज अनारकली के साथ सलीम का निकाह नहीं करवाया
अन्तिम कारण यह है कि उसने कई शादियों रचवाई बादशाह सलामत ने अय्याशी करने और इमारतें बनवाने के अलावा कुछ नहीं किया ,इसलिए अकबर को महान शासक नहीं कहा जा सकता

7 comments:

अनुनाद सिंह said...

वाह ! बहुत अच्छे तर्क हैं।
अकबर को महान कहना गुलामी की पूजा करना है। यह उतना ही अज्ञानता का सूचक है जितना अंग्रेजों को भारत का "भाग्यविधाता" या "तारनहार" समझने कीज्ञानता।

संजय बेंगाणी said...

भाईयों का सफाया कैसे किया? कितने बलात्कार किये? यह भी लिखना था, महान शासक के बारे में.

प्रदीप कांत said...

बहुत गम्भीर व्यंग्य.

कुन्नू सिंह said...

यानी बहुत क्रुर था। और ईसपर कितनी अच्छी फिल्म बनी है कि वह बहुत अच्छा,दयालू था पर वो ईसके विपरीत था।

विजय वडनेरे said...

अकबर, महान ही था। और सचमुच ही महान था।
यह आप जैसे कट्टर लोग क्या समझेंगे?

उसकी सबसे बड़ी महानता यह थी कि वह हिन्दू, सिख या ईसाई नहीं था।

और फ़िल्म की बात भी खुब की - हमारे यहाँ के निर्देशकों/अभिनेताओं को मरना है क्या जो महाराणा प्रताप या लक्ष्मीबाई पर फ़िल्म बनाएं, उन्हें तो वही फ़िल्म बनानी पड़ेगी जो 'सेक्यूलर' हो!!

समझे??

Rajni said...

akbar kabhe mahan nahe ho sakta jisne use mahan kaha vo log bevkoof hai

Rajni said...

वाह ! बहुत अच्छे तर्क हैं।
अकबर को महान कहना गुलामी की पूजा करना है। यह उतना ही अज्ञानता का सूचक है जितना अंग्रेजों को भारत का "भाग्यविधाता" या "तारनहार" समझने कीज्ञानता।