Monday, April 12, 2010

धर्म - संस्कृति


प्रश्न पत्र
विषय - धर्म - संस्कृति

प्रश्न १ धार्मिक उन्माद धर्म है ? क्या उन्माद पैदा करने वाले लोग धार्मिक होते हैं ?
२ क्या गुबंद का तोड़ा जाना परम सौभाग्य का प्रतीक है ? क्यों?
३ गुलामी के एक प्रतीक को नष्ट करना क्या हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य नहीं ? इस सन्दर्भ में यह बताइए की मस्जिद का तोड़ना राष्ट्रीय कर्त्तव्य कैसे हो गया ।
४ ६ दिसम्बर १९९२ भारतीय इतिहास में शौर्य दिवस माना जायेगा क्यों?
और क्यों कुछ लोग इसे काला दिवस के रूप में मनाते हैं ?
५ जो भारतीय संस्कृति नहीं अपनाता उसे भारत में रहने का हक नहीं क्या आप इस कथन से सहमत हैं स्पष्ट कीजिए
६ भारतीय संस्कृति हिन्दु संस्कृति है या साझी गंगा -जमुनी संस्कृति । विद्यार्थी अपने इतिहास /अनुभव के ज्ञान के आधार पर बताए
७ रामलला ने कहॉं जन्म लिया यह इतिहास का नहीं है यह प्रश्न आस्था का है इस संदर्भ में बताइये कि क्या राम ऐतिहासिक पुरूष थे अगर थे तो उनका जन्म स्थान ऐतिहास प्रश्न क्यों नहीं है
८ पाकिस्तान क्रिकेट टीम जब भारत की टीम से जीतती है तो किन क्षेत्रों में पटाखे छोड जाते है मिठाई बॉंटी जाती है यह मिथ है अर्द्धसत्य या वास्तविकता ।
९ हम पॉंच हमारे पच्चीस मुहावरा किस समुदाय के संदर्भ में रचा गया है? और किसने रचा है
१० कुछ लोग मानते हैं कि कुछ वर्षो में अल्पसंखयक बहुसंखयक हो जायेंगे । क्या आप इस मत से सहमत हैं तो तुलना कर बताइये सन१९८१ व २००१ में भारत की कुल जनसंख्या में मुसलमान कितने प्रतिशत थे।
११ हिन्दु जागरण मंच किसको जगाता है और किसके विरूद्ध जगाता है यह मंच धार्मिक अंधविश्वासों सामाजिक कुरीतियों और जातिवाद के विरूद्ध जागरण क्यों नहीं करता ।
१२ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बहुसंख्यकों की सद्इच्छा पर निर्भर है विश्व हिन्दु परिषद के किस नेता ने कहा किस राज्य के घटनाक्रम के सन्दर्भ में कहा क्या आप इससे सहमत है स्पष्ट कीजिए
१३ अप्रवासी भारतीय हिन्दु संगठनों को करोड़ों का चन्दा क्यों देते है दूर देद्गा में रहकर भारतीय संस्कृति बनाम हिन्दु संस्कृति क्यों प्यारी लगती है ।
१४ राम मर्यादा पुरूष है क्या श्रीराम कहने वाले किसी मर्यादा को मानते है
१५ रथ यात्राओं में कौनसी रथ यात्रा प्रसिद्ध है इस प्रसिद्ध रथयात्रा से धार्मिक जागरण हुआ या धार्मिक उन्माद इसका राजनीति में क्या फायदा हुआ
१६ उन दो सन्यासिनों के नाम बताओ जिन्होंने अपने प्रवचन में घृणा और आक्रमकता को हिन्दु धर्म का गहना बनाया।

3 comments:

बलराम अग्रवाल said...

इस बार का प्रश्नपत्र बहुत आसान है। लगता है बड़ी आसानी से हल किया जा सकेगा। पेपर-सेटर को बहुत-बहुत धन्यवाद। हाँ, कुछ सवालों के उत्तर न देने की छूट भी परीक्षार्थियों को उनके मूल-अधिकार के तहत दी जानी चाहिए।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

इस प्रश्नपत्र में तो टीप कर पास होना भी खतरे से खाली नहीं, मैं तो खाली कॉपी में केवल सवालाख बार "भूत पिशाच निकट नही आवें महावीर जब नाम सुनावें" लिख कर वापस आ गया।

प्रदीप कांत said...

मैं इस प्रश्न पत्र को हल तो क्या देखूंगा भी नहीं.... क्या पता कौन मेरे लिये फतवा जारी कर दे तो? ना बाबा ना...।